Monday, December 16, 2019

चन्द्रग्रहण का राशियों पर प्रभाव

मेषः आपके लिए ग्रहण का फल शुभ रहेगा। आपके काम सफल होंगे। कार्यक्षेत्र में प्रगति होगी और लाभ मिलेगा।
वृषः आपकी राशि से तीसरे घर में हो रहा चन्द्रग्रहण आपके लिए कई मामलों में अनुकूल रहेगा। कहीं से धन लाभ मिल सकता है।
मिथुनः आपको यात्रा करनी पड़ सकती है। आर्थिक मामलों में सजग रहना होगा, नुकसान हो सकता है।
कर्कः स्वास्थ्य में उतार-चढाव की स्थिति का सामना करना होगा। दुर्घटना के प्रति भी आपको सजग रहने की जरूरत है। गुप्तरोग की शिकायत हो सकती है।
सिंहः आपको धन के मामले में नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य प्रभावित होगा। मानसिक चिंता से परेशान हो सकते हैं।
कन्याः यह चन्द्रग्रहण आपके लिए अनुकूल रहेगा। सुख-सुविधा के साधनों में वृद्धि होगी। धन लाभ मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सद्भाव बना रहेगा।
तुलाः सेहत का ध्यान रखना होगा। कार्यक्षेत्र एवं जीवन के दूसरे क्षेत्रों में संघर्ष करना पड़ सकता है। किसी बात को लेकर मन में भय बना रहेगा।
वृश्चिकः अकारण ही किसी बात को लेकर परेशान और चिंतित रहेंगे। संतान को कष्ट हो सकता है। खर्चे बढ़ेंगे।
धनुः धन की प्राप्ति होगी लेकिन खर्च भी होगा जिससे बचत में कमी आएगी। विरोधियों से आपको सावधान रहना होगा, परेशान कर सकते हैं।
मकरः पारिवारिक जीवन के मामले में यह ग्रहण शुभ फलदायी नहीं दिख रहा है। दाम्पत्य जीवन में आपसी तालमेल की कमी रह सकती है। विदेश और साझेदारी के काम में दिक्कत आ सकती है।
कुंभः विरोधियों का प्रभाव बढ़ेगा। गुप्त चिंता और परेशानी बनी रह सकती है। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता से लिए संघर्ष करना होगा।
मीनः शिक्षा के क्षेत्र में परेशानी हो सकती है। संतान पक्ष को लेकर चिंतित रह सकते हैं। खर्च बढ़ेंगे। कार्यों को पूरा होने में विलंब होगा।
कब है सूतक काल और यह क्या होता है?
सूतक का मतलब अशौच या अशुद्धि। सूतक से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की अशुद्धियां होती है। इस काल में शुभ कार्य करना वर्जित होता है। सूतक किसी व्यक्ति के मौत पर भी लगता है और उसमें पूरी क्रिया के पहले किसी भी तरह की पूजा वर्जित होती है। हिंदू धर्म में सूतक की अवधि को अशुभ माना जाता है और इस दौरान खासकर ग्रहण के वक्त खाना ग्रहण करने की मनाही है।
Surya Grahan Mantra Sidh
Shani Mahadasha
Grah ki Mahadasha
Durga Bisa Yantra
Muktashukti Bhasma ke Labh
Swarnmakshik Bhasma
चंद्र ग्रहण के दौरान सबसे ज्यादा क्या फलदायी होता है?
चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ बातों का अवश्य ध्यान रखना चाहिए। इस पूरे काल के दौरान जाप, मंत्रोच्चारण, पूजा-पाठ और दान तो फलदायी होता ही है लेकिन धर्म सिंधु के अनुसार ग्रहण मोक्ष के उपरांत हवन करना, स्नान, स्वर्ण दान, तुला दान, गौ दान भी श्रेयस्कर है। साथ ही ग्रहण के दौरान पूरी तन्मयता और संयम से मंत्र जाप करना विशेष फल पहुंचाता है। इस दौरान अर्जित किया गया पुण्य अक्षय होता है।

Monday, October 21, 2019

दीपावली पर्व पर माँ लक्ष्मी पूजा विधि

दीपावली का शुभ मुहूर्त आ रहा है और हर कोई चाहता है उसके पास प्रचुर मात्र मे धन हो,  जिससे वह अपने और अपने परिवार के सभी सपने सहजतापूर्वक पूरे कर सके ।  दीपावली के दिन की जाने वाली धन लक्ष्मी साधना आज के युग में कल्पवृक्ष के समान फल देने वाली साधना है । जब सारे रास्ते बंद हो जाएँ तो प्रत्येक ब्यक्ति को लक्ष्मी माँ जो की अद्वितीय शक्ति है, की शरण लेनी ही चाहिए ।  यदि आप स्वयं प्रयत्न करे तो, आप क्या नहीं पा सकते? इसलिए माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति हेतु एकाग्रचित्त हो, यत्नपूर्वक बताई  गयी विधि अनुसार, पूजन-अर्चन करे तो निश्चित ही आपको चमत्कार मिलेगा । शुद्ध एवं अभिमंत्रित  दीपावली पूजन सामग्री हेतु यहाँ  पर क्लिक कर प्राप्त करे | इसमें आपको मिलेगा सम्पूर्ण श्रीयंत्र, कमल गट्टे की माला,  कौड़ी, गोमती चक्र एवं स्फटिक गणेश  
लक्ष्मी पूजा को प्रदोष काल के दौरान किया जाना चाहिए, जो कि सूर्यास्त के बाद प्रारम्भ होता है और शास्त्रानुसार लगभग 1 घण्टे 29 मिनट तक रहता है । कुछ लक्ष्मी स्त्रोतो मे लक्ष्मी पूजा को करने के लिए महानिशीथ काल भी बताया गया हैं। शास्त्रानुसार महानिशीथ काल तांत्रिक समुदायों और पण्डितों, जो इस विशेष समय के दौरान लक्ष्मी पूजा के बारे में अधिक जानकारी रखते हैं, उनके लिए यह समय अत्यंत उपयुक्त बताया गया है। सामान्य लोगों के लिए प्रदोष काल मुहूर्त ही पूर्णतः उपयुक्त हैं, जब स्थिर लग्न होता है। स्थिर लग्न मे धन संपत्ति की देवी माँ लक्ष्मी एवं बुद्धि प्रदाता व विघ्नहर्ता गणेश जी का पूजन करने से लक्ष्मी व बुद्धि की स्थिरता मिलती है | दीवाली मे लक्ष्मी-गणेश पूजा को कैसे करना चाहिए, आइये जानते है।
Kamakhya Mantra

Diwali Laxmi Mantra

Totke For Love

Kamdev Mantra

Laxmi Mantra Hindi

लक्ष्मी पूजा की सामग्री

रोली, अक्षत, फल, फूल, माला, मिठाई, धुप, इत्र (खुशबू), लकड़ी की चौकी, लाल वस्त्र (कपड़ा) चौकी पर बिछाने के लिए, घी, दीया, अगरबत्ती, कमल का फूल, चांदी का सिक्का या अगर यह उपलब्ध ना हो तो कुछ पैसे रखे

Wednesday, August 7, 2019

सुंदरकाण्ड का नाम सुंदरकाण्ड क्यों रखा गया Sunderkand name

आपको बता दें कि हनुमान जी सीताजी के खोज में लंका गये थे और लंका त्रिकूटांचल पर्वत पर बसी हुई थी। त्रिकूटांचल पर्वत यानि की यहां तीन पर्वत थे। पहला सुबैल पर्वत, जहां कं मैदान पर युद्ध हुआ था, दूसरा नील पर्वत जहां राक्षसों के महल थे और तीसरा सुंदर पर्वत जहां अशोक वाटिका थी। इसी वाटिका में रावण ने सीता जी को  रखा हुआ था और हनुमानजी की सीता जी से भेंट भी इसी वाटिका में हुई  थी।
सुंदररकांड में इसी घटना का वर्णन है और सबसे प्रमुख घटना यही घटित हुई थी सीताजी और हनुमान जी का मिलन। यही वजह है कि इस कांड को नाम सुंदरकांड रखा गया
 श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड की कथा सबसे अलग है। सारे रामचरितमानस में श्रीराम के गुणों और पुरूषार्थ को बताया गया है लेकिन यह कांड एक ऐसा है जिसमें राम भक्त हनुमान के विजय का वर्णन किया गया है। 
सुंदरकाण्ड का पाठ सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना गया है। किसी भी प्रकार की परेशानी या संकट हो,सुंदरकाण्ड के पाठ से यह संकट तुरंत ही दूर हो जाता है।  
Let us tell you that Hanuman ji had gone to Lanka in search of Sitaji and Lanka was located on the Trikutanchal mountain. There were three mountains of Trikutanchal mountain i.e. The first was the Subail Mountains, where the battle was fought on the Co. Maidan, the second was the Nile Mountains where there were palaces of demons and the third was the beautiful Mountains where Ashoka Vatika. Ravana kept Sita ji in this garden and Hanumanji also met Sita ji in this garden.

This incident is described in Sunderarkand and the most important event was the meeting of Sita ji and Hanuman ji. This is the reason why this scandal was named Sundarkand

 The story of Sunderkand of Sriramcharitmanas is different. All the Ramcharitmanas have been told about the qualities and efforts of Shri Ram, but this episode is one in which the victory of Hanuman, the devotee of Ram, is described.
The text of Sunderkand is said to fulfill all wishes. Any kind of problem or crisis, this crisis is overcome immediately by the text of Sunderkand.


Friday, July 26, 2019

प्राचीन मिस्र के ऐसे रोचक तथ्य , जिन्हें सुनकर आप आश्चर्यचकित हो जायेंगे

पूरी दुनिया अजूबों और चमत्कारों से भरी पड़ी है. दुनिया में कुल आठ अजूबे हैं. लगभग 5000 साल पुरानी मिश्र की सभ्यता के पिरामिड इन्हीं अजूबों में से एक हैं. वैसे देखा जाए तो मिस्र अपनी ममी, फराओ और पिरामिड के लिए विख्यात है. लेकिन यहां के इतिहास से जुड़ी अनेक कहानियां हैं, जो आज भी वैज्ञानिकों को आश्चर्यचकित करती हैं. लेकिन आज हम आपको प्राचीन सभ्यता के बारे में कुछ ऐसी जानकारियां बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में बहुत ही कम लोग जानते होंगे.

मिस्र के निवासी बालों से करते थे नफ़रत.
मिस्र सभ्यता के लोग बालों से बेइंतहा नफ़रत करते थे. बालों के प्रति उनकी नफ़रत इतनी थी कि जितनी दो दुश्मन भी आपस में नहीं करते होंगे. उनके मुताबिक, शरीर पर बाल होना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है. इसलिए वो लोग शरीर से हर तरह के बाल को साफ़ कर देते थे. मिस्र के लोगों की फोटोज़ में सिर पर जो बाल नज़र आते हैं, वो असली नहीं, बल्कि विग हैं. ये लोग विग को टोपी की तरह पहनते थे, वो भी सिर्फ़ इसलिए ताकि सूर्य की सीधी धूप उनके सिर पर न पड़े.

महत्त्वपूर्ण था मुंह को साफ़ रखना.

इन लोगों के लिए दांतों को साफ़ रखना इतना महत्त्वपूर्ण था कि वो ममियों को टूथ पिक के साथ दफनाते थे. माना जाता है कि प्राचीन मिस्र के निवासियों ने ही एक तरह की टूथपेस्ट की शुरुआत की थी. इसे बनाने में वे बैल के खुरों का पाउडर, जले हुए अंडे की छाल तथा राख के मिश्रण का प्रयोग करते थे.

 मिस्र के अधिकतर निवासी ईसाई थे.

माना जाता है कि सन् 400 से 800 के बीच मिस्र के ज़्यादातर लोग ईसाई धर्म के अनुयायी थे. लेकिन 10वीं सदी के मध्य में मुसलमानों के हमले के बाद बड़ी संख्या में लोगों का धर्म परिवर्तन हुआ और उन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया. बाद में उनकी कॉप्टिक भाषा की जगह भी अरबी भाषा ने ले ली.

मोटे होते थे मिस्र के फराओ.

वैसे तो प्राचीन मिस्र के चित्रों में आपने देखा ही होगा कि यहां के फराओ पतले और तन्दुरुस्त होते थे, लेकिन ममियों के परीक्षण के बाद यह बात सामने आई कि फराओ की कमर चौड़ी होती थी. उनकी खुराक में शराब, शहद, बीयर तथा ब्रेड और अधिक चीनी वाले पदार्थ थे. उनमें से कई मधुमेह के शिकार भी थे.

गणित के ज्ञाता होते थे मिस्र निवासी.

मिस्र के निवासी गणित में काफी तेज होते थे. उनके द्वारा बनाई गई संरचनाओं से यह साबित होता है कि गणित और वास्तु कला में वो बहुत तेज़ और निपुण थे.







पहला गर्भ-प्रतिरोधक बना था मिस्र में.
ये बात बेहद रोचक है कि गर्भधारण से बचने के लिए प्राचीन मिस्रवासी मिट्टी, शहद और मगरमच्छ के गोबर का एक मिश्रण बनाते थे. उस मिश्रण को महिला की योनि में डाल देते थे, जिससे महिला गर्भवती नहीं होती थी. इनका मानना था कि मगरमच्छ का गोबर एसिडिक होता है, जो शुक्राणुओं को मारता है.

Tuesday, January 22, 2019

आत्म विश्वास बढ़ाने के सरल उपाय

आज के इस प्रतिस्पर्धा के युग में एक व्यक्ति दुसरे से आगे निकलने में लगा है | क्या आप जानते है बिना प्रतिस्पर्धा का सामना किये मनुष्य इस जीवन में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकता | यदि आपमें आत्मविश्वास है तो आप प्रतिस्पर्धा में बने रह सकते है अन्यथा जीवन की हर प्रतिस्पर्धा से आप बाहर हो जाते है | आज हर दुसरे बच्चे में आत्मविश्वास/(Self Confidence Kaise Badhaye in Hindi) की कमी को देखा और महसूस किया जा सकता है |
किसी कार्य को करने की हिम्मत न जुटा पाना ही साधारण भाषा में कमजोर आत्मविश्वास/Self Confidence को व्यक्त करता है | किसी व्यक्ति में आत्मविश्वास का न होना, इसके बहुत से कारण हो सकते है जैसे :

आत्मविश्वास न होने के कारण :-

अकेलापन : जिन लोगों को बचपन से ही अकेला रहना पसंद हो | दुसरे लोगों से कम ही बातचीत करता हो ऐसे व्यक्ति में हमेशा आत्मविश्वास की कमी नजर आएगी |
खेलकूद में रूचि न रखने वाले व्यक्ति : जो व्यक्ति खेलकूद में अधिक रूचि न रखते हो | जिसने कभी बाहरी खेल न खेले हो | ऐसे व्यक्ति में भी आत्मविश्वास की कमी को देखा जा सकता है |
शारीरिक व्यक्तित्व : – जिन लोगों की शारीरिक बनावट कुछ ख़ास आकर्षित नहीं होती व दिखने में कमजोर दिखाई देते है ऐसे लोगों में भी आत्मविश्वास की कमी देखने को मिलती है |
दूसरों का अनुशरण करने वाले :- जो व्यक्ति हमेशा दूसरों को follow करते हो, अपने छोटे-छोटे कार्य के लिए दूसरों से मदद मांगते हो, स्पष्ट है कि ऐसे व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी है |
किसी कार्य को पहली बार करने पर :- यह एक ऐसी स्थिति होती है जब हर कोई व्यक्ति कुछ समय के लिए आत्मविश्वास की कमी को महसूस करता है | जी हाँ, जब हम कोई ऐसा कार्य करते है जो हमने जीवन में पहले कभी नहीं किया तो ऐसे में आत्मविश्वास कमजोर होना स्वाभाविक सी बात है |

Self Confidence Kaise Badhaye in Hindi

आत्मविश्वास बढ़ाने के सरल एवं कारगर उपाय :-

आत्मविश्वास/Self Confidence को बढ़ाने के लिए आपको स्वयं के अंदर बहुत से बदलाव करने होंगे | आत्मविश्वास को बढ़ाना कोई छोटा कार्य नहीं, लोगों का पूरा जीवन निकल जाता है और वे अंत तक आत्मविश्वास नहीं जुटा पाते है | तो आइये जानते है किस प्रकार आप अपने आत्मविश्वास को बढ़ा सकते है :

शारीरिक व्यक्तित्व :-

यदि आप दिखने में आकर्षक नहीं है व शरीर से कमजोर है तो आज से ही अपने शरीर पर ध्यान देना शुरू कर दे | इसके लिए आप व्यायाम, gym आदि का सहारा ले सकते है | याद रखे जिस दिन आप एक अच्छे और बलवान शरीर के मालिक बन जायेंगे उस दिन से आप दूसरों को नहीं बल्कि दुसरे आपको follow करना शुरू कर देंगे | और यहीं से आप के अंदर आत्मविश्वास आना शुरू हो जायेगा | याद रखे अच्छा, बलवान, आकर्षक और स्वस्थ शरीर आपके व्यक्तित्व में ही चार चाँद नहीं लगाता बल्कि आपको आत्मविश्वास से भी परिपूर्ण करता है |

 दूसरों को follow करना बंद कर दे :-

आज से ही एक निश्चय करें की आप हर छोटे-छोटे कार्यों के लिए दूसरों को follow करना बंद कर देंगे | स्वयं में निश्चय करें कि आपमें में भी क्षमता है खुद कुछ करने की | आखिर कब तक आप दूसरों का अनुसरण करते रहेंगे | दूसरों का अनुसरण करने की आदत आपको लाचार बनाती है और सम्पूर्ण जीवन आप आत्मविश्वास की कमी को महसूस करते है/(Self Confidence Kaise Badhaye in Hindi) |

जीवनियाँ पढ़े :-

ऐसे महान महापुरुषों की जीवनियाँ पढ़े जो हमारे समाज के लिए प्रेरणा के स्त्रोत रहे है जैसे : स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, बिल गेट्स, पंडित लाल बहादुर शास्त्री आदि | ऐसे बहुत से महान पुरुष हुए है जिनका आत्मविश्वास/Self Confidence ही हम सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत है |

जोखिम उठाने से घबराएं नहीं :-

बहुत से ऐसे कार्य है जिन्हें करने के लिए आप आत्मविश्वास इसलिए नहीं जुटा पाते है क्योंकि इनमें गलती होने पर आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है | स्वयं के अंदर विश्वास जगाये कि आपने जो तैयारी की है वह पूर्णतया सही है गलती होने की कोई सम्भावना ही नहीं है | ऐसे में आप अधिक से अधिक समय लेकर व बार-बार अभ्यास करके कार्य में गलती होने की सम्भावना को न्यूनतम करने का प्रयास करें, आत्मविश्वास अपने आप जाग्रत होने लगेगा |
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